Teachers Day Special: हर रोज टैलेंट खोजने के जूनून में काशी के मो. सईद चलाते हैं फ्री क्लास!

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5th September, 2018, Edited by Neeraj tripathi

वाराणसी सिटी। जो अंधकार से उजाले की ओर ले जाए वह है गुरु। जो इस भौतिक जगत के उचित मार्ग को प्रर्दशित करे, जहां आकर आप पूर्ण हो जाते हैं, समर्पित हो जाते हैं, जहां आप अपने आप को ढूंढ लेते हैं…वह सिर्फ गुरु ही है जो आपसे आपकी मुलाकात करवाता है। ऐसे ही काशी के एक स्केटिंग कोच हैं मो. सईद जो टीचिंग के साथ-साथ काशी के आरपी घाट पर प्रतिदिन 2 घंटे फ्री क्लास देकर काशी से टैलेंट देने की कोशिश कर रहे हैं...

पत्थरगली में बिता बचपन

हंसमुख और मृदुभाषी मो. सईद 11. 01. 1974 में काशी के पत्थरगली में पैदा हुए। प्राथमिक पढाई करने के हाईस्कूल में आते-आते इनका रुझान स्केटिंग की तरफ हुआ और एक दोस्त की मदद से आज सिटी के प्रथम टैलेंटड कोच में गिने जाते हैं। अपनी समस्याओं को याद कर हर साल कई बच्चों को नि:शुल्क स्केटिंग की शिक्षा देने की ठान ली है। मो. सईद काशी के बच्चों की प्रतिभा को निखारने का प्रण ले रखा है।

सईद बच्चों को बनाते हैं हुनरमंद

मो. सईद बच्चों को केवल मुफ्त स्केटिंग शिक्षा ही नहीं देते बल्कि उन्हें निखारने और आगे चलकर खुद ट्रेनर बनने का हुनर भी सिखाते हैं। इनके नन्हें-मुन्ने शिष्यों को स्केटिंग स्टेप में महारत हासिल है। जब बच्चों की नन्ही-नन्ही पैर स्केट पहनकर उतरते हैं तो देखने वाले को मोहित हो उठते हैं।

सिटी के कई नामचीन स्चूलों में रह चुके हैं कोच

सिटी के बेस्ट कोच मो. सईद शहर के कई नामचीन स्चूलों में कोच रह चुके हैं। जिसमे सनबीम भगवानपुर (2005), सनबीम सामने घाट (2008), स्वामी हरसेवानन्द (2007-),  और सेंट्रल एकेडमी सहित कई स्कूलों में एक अच्छे कोच की भूमिका निभा चुके हैं।

ओपन नेशनल में खेल चुके हैं इनके स्टूडेंट्स

बता दें कि की सिटी के इन टैलेंटेड कोच के स्टूडेंट्स ओपन नेशनल में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। साथ कई अवार्ड भी जीत चुके हैं। अब वही स्टूडेंट्स जगह-जगह ट्रेनर की भूमिका में हैं। 

जिन्दगी में कई उतार-चढाव देखे

काशी के टैलेंटेड स्केटिंग के कोच मो. सईद की लाइफ में कम स्ट्रगल नहीं रहा है। इन्होने अपनी लाइफ में कई उतार-चढाव देखे हैं, 44 साल के इस कोच ने अपनी और अपने परिवार का भरण-पोषण के लिए पर्सनल कई बिजनेस करने के अलावा सऊदी अरब भी जा चुके हैं, लेकिन इन सब के साथ जो अच्छी बात है वो यह की इन्होने स्केटिंग शिक्षा देना नहीं छोड़ा, सऊदी अरब में भी वहाँ के बच्चों को फ्री स्केटिंग ट्रेनिंग देते रहे। 

कभी स्केट के लिए नहीं थे पैसे आज करते हैं गिफ्ट

सिटी के कोच मो. सईद के पास कभी खुद के लिए स्केट (पैर में पहने जाने वाला) नहीं थे, लेकिन कड़ी मेहनत और अपने टैलेंट के दाम पर आज वह सिटी में अच्छे कोच में गिने जाते हैं। वह अब जरुरतमंद बच्चों को स्केटिंग के लिए स्केट अपने पैसों से खरीद कर गिफ्ट में हैं।

न्यूज़ पेपरों में छपी है कई करतब और टैलेंट की खबरे

बता दें की सिटी के कोच मो. सईद को लेकर कई बार ख़बरें छप चुकी हैं। कभी स्कूल में प्रोग्राम को लेकर तो कभी स्पेशल इवेंट को लेकर। इन सब के बावजूद इस टैलेंटेड कोच पर किसी नेता या सरकारी महकमा की नजर नहीं पड़ी वर्ना आज सिटी से कई और स्केटिंग टैलेंट निकाल चुके होते।  

हवा में उड़ जाते हैं मो. सईद

बता दें कि मो. सईद स्केटिंग का ट्रेनिग इस कदर है की वह 10 से 12 फीट हवा में उछाल जाते हैं अपने आपको। साथ ही इनकी फोटो यह बताने के लिए काफी हैं की स्केटिंग के दम पर कई तरह के ग्रोथ बच्चों को मिल सकता हैं।    

आरपी घाट पर बच्चों को दिला सकते हैं फ्री क्लास

आप अपने बच्चों को स्केटिंग सिखाना चाहते हैं तो सुबह 5 से 7 के बीच ले जाकर इन बेस्ट कोच से फ्री क्लास दिला सकते हैं। साथ ही स्पेशल क्लास के लिए बहुत ही कम फीस में क्लास दिला सकते हैं।

बेटे को भी दे रहे स्केटिंग के तालीम

मो. सईद अपने बेटे मो. फैज़ और बेटी लेबिया खातून को भी स्केटिंग की ट्रेनिंग दे रहे हैं। दरअसल, मो. सईद का कहना है कि आर्थिक स्थित ठीक न होने और सपोर्ट नहीं मिल पाने के कारण जो मै नहीं कर पाया वो ये बच्चे करेगे। 

सरकारी मदद मिले तो एकेडमी खोलने की तमन्ना

मो. सईद का कहना है कि अभी तक सिटी में स्केटिंग की कोई एकेडमी नहीं है, यदि उन्हें सरकारी मदद मिले तो सिटी से स्केटिंग में टैलेंट निकलने और देश के साथ ही साथ शहर का नाम रोशन करने के लिए स्केटिंग एकेडमी खोलना चाहते हैं।