Holi Special: कलर लगाने से पहले समझ लें कौन सा कलर कितना नुकसानदायक !

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27th February, 2018 - 5:14 PM, Edited by Priyanka Shukla

लखनऊ सिटी। हमारे यहां होली में अपनों को कलर लगाकर शुभकामनाएं देने कि परंपरा है। जबकि हेल्थ एक्सपर्ट कि मानें तो कुछ कलर ऐसे होते हैं जो हमारे हेल्थ के लिए नुकसान पहुंचाते हैं और हमारी स्किन को बदरंग कर देते हैं। आजकल मार्केट में मिलने वाले मिलावटी रंगों के कारण ये हमारी त्वचा को घातक भी हो सकते हैं। जबकि सिटी डॉक्टर का कहना है कि आजकल सस्ती सामग्री से गुलाल बनाने के लिए कुछ कलर निर्माता डीजल, इंजन ऑयल, कॉपर सल्फेट और सीसे का पाउडर आदि का इस्तेमाल करते हैं। इससे लोगों को चक्कर आता है, सिरदर्द और सांस की तकलीफ होने लगती है।

गुलाल में लेड ऑक्साइड

इन्वार्मेंट एक्सपर्ट रंजना सिंह का कहना है कि मार्केट में मिलने वाले रंगों में ऐसे रसायन मिले होते हैं जिनसे सेहत को गंभीर नुकसान पहुँच सकता है। उन्होंने बताया कि काले रंग के गुलाल में लेड ऑक्साइड मिलाया जाता है जो गुर्दों को प्रभावित कर सकता है। हरे गुलाल के लिए मिलाए जाने वाले कॉपर सल्फेट के कारण आंखों में एलर्जी, जलन, और अस्थायी तौर पर नेत्रहीनता की शिकायत हो सकती है।

नीले गुलाल में प्रूशियन ब्लू

सबसे चमकीला कलर नीला कलर होता है, जबकि एक्सपर्ट का मानना है कि ‘चमकीले गुलाल में एल्युमिनियम ब्रोमाइड मिलाया जाता है जो कैंसर उत्पन्न कर सकता है। नीले गुलाल में प्रूशियन ब्लू होता है जो त्वचा में एलर्जी और संक्रमण पैदा कर सकता है। लाल गुलाल के लिए प्रयुक्त किया जाने वाला मरकरी सल्फाइट इतना जहरीला होता है कि इससे त्वचा का कैंसर हो सकता है। अक्सर सूखे गुलाल में एस्बेस्टस या सिलिका मिलाई जाती है जिससे अस्थमा, त्वचा में सक्रंमण और आंखों में जलन की शिकायत हो सकती है। गीले रंगों में आम तौर पर जेनशियन वायोलेट मिलाया जाता है जिससे त्वचा का रंग प्रभावित हो सकता है और डर्मेटाइटिस की शिकायत हो सकती है।