Valentine day Special... Love तो बाजीराव को मस्तानी से हुआ था साहब ........!

Slider 1
Slider 1
« »
7th February, 2017, Edited by Neeraj tripathi

नई दिल्ली। कुछ दिनों पहले बॉलीवुड के इतिहास पर आधारित एक फिल्म आई थी, जो कि मराठाओं के पेशवा बाजीराव और मस्तानी पर आधारित लव स्टोरी थी। इतिहास के पन्नों को पलटने पर पता चलता है कि इस कहानी की शुरुआत यूपी से हुई थी। जिसका कनेक्शन प्रयाग में मुग़ल सूबेदार बंगश खान था, जिसने बुन्देलखण्ड के राजा छत्रसाल पर हमला किया था। राजा छत्रसाल की मदद की गुहार लगाने के लिए मस्तानी पेशवा के पास गईं और वह बाजीराव को बुन्देलखंड लाईं। इस प्रकार बाजीराव और मस्तानी की पहली मुलाकात संपन्न हुई।  

यूपी से है इस विलन का कनेक्शन

मुग़ल सूबेदार मोहम्मद खान बंगश का जन्म 1965 में यूपी के मऊ जिले में हुआ था। मुगलों के अंतिम शासक कहे जाने वाले औरंगजेब के शासनकाल में बंगश के पिता मलिक ऐन खान ने हिंदुस्तान में अपना घर बसा लिया। 20 वर्ष की आयु पूरी होते ही बंगश ने बुन्देलखण्ड के आस-पास के क्षेत्रों में अपना कब्जा जमा लिया था। कई लड़ाईयां जीतने के बाद 1720 ई० में मोहम्मद खान प्रयाग (अब इलाहाबाद) में मुगलों का सूबेदार बन गया। सूबेदार बनने के बाद उसके पास 52000 सनिकों की सेना हो गई थी। जो कि उस समय किसी भी राज्य पर अपना आधिपत्य स्थापित करने के लिए पर्याप्त था।

बाजीराव ने मस्तानी के राज्य को किया सुरक्षित

सूबेदार बनने के 7 वर्ष के बाद मोहम्मद खान बंगश ने बुन्देलखण्ड पर चढ़ाई कर दी। बुन्देलखण्ड के राजा छत्रसाल बंगश की शक्तिशाली सेना का मुकाबला करने में असमर्थ महसूस कर रहे थे। जिसके चलते उन्होंने बाजीराव से मदद मांगी। बंगश ने जेतपुर के किले को चारों ओर से अपनी सेना द्वारा घेर रखा था। इसलिए बाजीराव ने जैतपुर पहुंचकर बंगश को लड़ाई में शिकश्त दी तथा तथा राजा छत्रसाल के राज्य को सुरक्षित किया।

उपहार में मिले पांच राज्य

बाजीराव से मिली मदद के बाद छत्रसाल उनके कर्जदार हो गए। उन्होंने अपने राज्य के तीन टुकड़े कर एक तिहाई हिस्सा बाजीराव को दे दिया। इस प्रकार बाजीराव को झांसी, कालपी, सिंरोज, सागर और हिरदेनगर उपहार के रूप में मिल गया।

एक साथ हुई दोनों की मृत्यु

इसके अलावा राज छत्रसाल की बेटी मस्तानी को बाजीराव इतने लुभा गए कि उसने बाजीराव को मन ही मन अपना बना लिया। मस्तानी राजा छत्रसाल के मुस्लिम पत्नी की बेटी थी और बाजीराव पेशवा (ब्राह्मण)। मस्तानी के बाजीराव के पीछे ही उनके महल तक चली आई और पेशवा ने उनसे शादी कर ली। मराठाओं के पेशवा बाजीराव की रावेर में 28 अप्रैल 1740 को एक गंभीर बीमारी की वजह से मृत्यु हो गई। ऐसा माना जाता है कि पेशवा के साथ ही मस्तानी की आत्मा भी उनके साथ चली गई थी।