औरते...

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8th February, 2019, Edited by Focus24 team

औरते इनके अंदर होते हैं कई कमरे

और उन कमरों में कई कोने औरते 

ड्राइंगरूम की तरह जहा तमाम पैबंद छुपे होते है

सजे संवरे आवरणों से..

दरवाज़ों पर टँगी रंग बिरंगी कठपुतलियां

दीवार पर लगी पेंटिंग जिसका बयाने दर्द ही खूबसूरती है

और बोन्साई केपौधे जिन्हें बढ़ने नही दिया जाता

खूबसूरत दिखने के लिए, एक रसोई जहां पकती है

ममता और प्रेम और इनके अंदर है एक बैडरूम

जहाँ प्रेम अब सिर्फ प्रेम नही

ज़िम्मेदारियों और जरूरतों का कारखाना है 

इन्ही कमरों के अंदर एक स्टोर रूम

जहाँ बिखरा रहता है उनका वज़ूद 

फैला रहता है चारो ओर अवसाद

रोज़ समेटती हैं  अपने वजूद और अवसादों को 

औ करीने से तहें लगाती जाती हैं, ये औरतें

औरतें इनके अंदर होते है कई कमरे

और उन कमरों के कई कोने।

- संजना तिवारी, वाराणसी सिटी।