Valentine Day Special… पहले करो प्रॉमिस, फिर बनो वैलेंटाइन !

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11th February, 2019, Edited by Priyanka Shukla

फीचर्स डेस्क। “मेरे हाथ में तेरा हाथ हो, सारी जन्नतें मेरे साथ हों” कुछ साल पहले आमिर खान ने अपनी फिल्म में ये डायलाग बोला था। जो कि यूथ के बीच इतना फेमस हुआ कि जब भी प्यार मोहब्बत की बात आती है, तो यह डायलाग ज़रूर याद आता है। खैर यह तो बात हो गई आमिर खान की, अब आते हैं मेन टॉपिक पर। आज है प्रॉमिस डे। प्रॉमिस डे का मतलब है वादा करना और किये हुए वादे को निभाना। वैलेंटाइन वीक में मनाया जाने वाला प्रॉमिस डे लव बर्ड्स के लिए बहुत महत्व रखता है। प्यार की कहानी रोज डे से शुरू होकर कुछ देर के लिए प्रॉमिस डे पर रूकती है। प्रॉमिस डे के दिन लव बर्ड्स अपने पार्टनर के संग साथ जीने मरने, प्यार में कभी भी एक दूसरे का साथ न छोड़ने की कसमें खाते हैं। लेकिन प्यार में सक्सेस वही लोग होते हैं जो इन वादों को निभा पाते हैं। ऐसी ही एक कहानी है नैना और नयना की, जिनके प्यार की शुरुआत रोज के गार्डन में ही हुई लेकिन वे एक दूसरे से किये प्रॉमिस को निभा नहीं पाए।  

नैना और नयन का प्रॉमिस

कहते हैं प्यार की कोई उम्र नहीं होती, प्यार न धर्म देखता है और न ही जाति। प्यार धर्म, जाति इन सबसे परे है। कुछ ऐसा ही हुआ इन दो प्यार करने वालों के साथ भी। नैना जो कि धर्म से पंडित थी और नयन जाति और कर्म दोनों से डोम (डोम जो गंगा घाटों पर शवों को जलाने का काम करते हैं)। ये ईश्वर की विडम्बना ही थी कि दोनों के नाम का एक ही अर्थ निकलता था। नैना अपने गर्ल्स कॉलेज में बी० ए० फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट थी और नयन दुसरे जिले के किसी प्राइवेट कॉलेज से इंजीनियरिंग का स्टूडेंट था। दोनों की मुलाकात चाय और गोलगप्पे के दुकान से हुई। जिस दुकान पर नयन और उसके दोस्त चाय पी रहे थे, उसी के सामने गोलगप्पे खा रही नैना का नयन से सामना हुआ और दोनों में प्यार हो गया। इसके बाद वे दोनों दुर्गा पूजा के मेले और सिटी के रेस्टुरेंट में कई बार मिले। उसके बाद दोनों में घंटों फ़ोन और मेसेज द्वारा बात चीत होती रहती थी। इसका परिणाम यह देखने को मिला कि दोनों का प्यार दिन प्रतिदिन परवान चढ़ता गया।

अभी तक नैना को नयन के बारे घर-परिवार या कर्म के बारे में कुछ भी नहीं पता था, क्योंकि नयन जानता था कि इस बात का पता लगते ही नैना को बहुत तकलीफ होगी। उसने नैना से कभी कोई तकलीफ न होने देने का वादा जो किया था। लेकिन यह सच्चाई नैना से बहुत दिनों तक छुपी नहीं रह सकी, उसे किसी और के द्वारा नयन के काम के बारे में पता चल गया और वहां से नयन का प्रॉमिस टूट गया। इसके बाद नैना खुद को किसी तरह संभालते हुए नयन को शादी करने का प्रस्ताव दे बैठी। नयन यह अच्छी तरह से जनता था कि दोनों के घरवाले इस रिश्ते को कभी कुबूल नहीं करेंगे। एक और वादा न टूटने पाए इसलिए नयन ने नैना से शादी के लिए मना कर दिया। नैना इस टूटे हुए प्रॉमिस से कुछ इतनी बुरी तरह प्रभावित हुई कि उसने पानी में कूदकर अपनी जान दे दी। अगले दिन पानी में एक लाश बहकर आई जिसे जलाने का काम नयन को सौंपा गया। नयन ने नैना के हाथ में अंगूठी देखी (जो उसने उसे गिफ्ट की थी) जिसे देखकर उसे वह लाश नैना की होने का शक हुआ। उसने लाश के चेहरे से चादर हटाकर देखा तो सच में वह लाश नैना की थी। नयन उसे देखकर बुरी तरह फूट-फूट कर रोने लगा। लेकिन उसे यह बात समझते देर न लगी कि यह सब वादा त्तोटने का नतीजा है। उसने लाश को जलाया और जलते हुए लाश पर खुद भी लेटकर दोनों प्रेमी एक साथ जल गए।

तो दोस्तों इस वैलेंटाइन आप प्यार तो करना लेकिन किसी से किया हुआ प्रॉमिस मत तोडना...

               हैप्पी प्रॉमिस डे