दूध बांटने वाले 19 साल के लड़के ने नंगे पांव दौड़कर उसैन बोल्ट की किया चैलेंज, खेल मंत्री किरण बोले इसे ले आओ मेरा पास

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18th August, 2019, Edited by manish shukla

अमरीश मनीश शुक्ल 
स्पेशल स्टोरी : धरती पर जीव धारियों में सबसे तेज दौड़ने वाले जमैका के उसैन बोल्ट को आखिर कार टक्कर देने के लिये 19 साल का एक भारतीय एथलीट सामने आया है। जिसने नंगे पैर ही 100 मीटर की दौड़ को मात्र 11 सेकंड में पूरा किया और कहा कि अगर उसे प्रशिक्षण व सुविधाएं मिले तो वह उसैन बोल्ट को हरा देगा। नये वल्र्ड रिकार्ड बनाने की बात कर रहा यह युवक आत्मविश्वास से लबेज है और इस युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही वायरल हो गया । वायरल वीडियो पर अब खेल मंत्री किरण रिजिजू ने इस युवा की मदद के लिये हाथ आगे बढाया है और  इस युवा एथलीट को उनके पास ले आने के लिये कहा है। 
यह 19 साल का यह युवा मध्य प्रदेश का है। इसका नाम रामेश्वर गुर्जर है और 11 सेकंड में नंगे पांव ही 100 मीटर की रेस पूरी कर देश की नयी सनसनी बन गया है। सोशल मीडिया पर विडियो वायरल होने के बाद मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इसे खेल मंत्री किरण रिजिजू को ट्वीट किया था। जिसे संज्ञान में लेते हुये खेल मंत्री ने इस युवा को उनके पास दिल्ली ले आने को कहा है। सबसे खास बात यह है कि रामेश्वर के पास न खाने के लिये पर्याप्त भेजन है, न पहनने को ढंग के कपड़े और ना ही दौड़ने के लिये पैर में जूते की व्यवस्था है। इतना ही नहीं रमेश्वर को आज तक किसी ने कोई भी प्रशिक्षण नहीं दिया है। बस सेना में जाने के लिये रमेश्वर ने दौड़ना शुरू किया और उसका यह हुनर अब पूरी दुनिया के सामने आ चुका है। 

उसैन के नाम 9.58 सेकंड का रिकार्ड 


दुनिया में सबसे तेज 100 मीटर की रेस पूरी करने का रिकार्ड जमैका के स्टार धावक उसैन बोल्ट के नाम है। जिन्होंने 9.58 सेकंड के समय के साथ विश्व रिकार्ड बनाया हुआ है। उसैन की ट्रेनिंग पर करोड़ो रूपये खर्च होते हैं और तब जाकर उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है। लेकिन भारत का 19 साल का रमेश्वर बिना किसी प्रशिक्षण व सुविधा के ही बोल्ट के रिकार्ड के बेहद ही करीब पहुंच चुका है। जबकि रमेश्वर दौड़ की इस विधा का ऐसा ऐकलव्य है, जिसने गुरू की अभी तक कल्पना भी नहीं की है। 

गरीबी को हरा दिया


रमेश्वर मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के नरवर के वार्ड 15 के गंज मोहल्ले में रहने वाले एक बेहद ही गरीब परिवार में पले बढे हैं। उनका सपना है कि वह भारतीय सेना में भर्ती हो जाये, लेकिन लंबाई थोड़ी सी कम होने के कारण वह सेना में अभी तक सिलेक्ट नहीं किये गये। लेकिन सेना में जाने की तैयारी करते करते, उन्होंने अपनी दौड़ को ही विश्वस्तरीय बना दिया है, जिसे देखकर बड़े से बड़ा धावक आज रमेश्वर को सलाम कर रहा है। रमेश्वर ने अपनी गरीबी को ऐसी पटखनी दी है, जिसककी गूंज अगली एक सदी तक लोगों के कानों में सुनाई देती रहेंगी, बस जरूरत है तो एक मंच पर रमेश्वर के उतरने की।  

वीडियो वायरल होते ही मच गयी धूम 


रामेश्वर को दो दिन पहले तक शायद ही कोई अहमियत देता रहा हो और उसके साथियों के अलावा शायद ही कोई उसे उसकी दौड़ की वजह से सराहना करता रहा हो। लेकिन रामेश्वर गुर्जर का नंगे पाव दौड़ कर 100 मीटर की दौड़ 11 सेकंड में पूरा करने का वीडियो जब सोशल मीडिया पर डाला गया तो देखते ही देखते यह वीडियोसोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अचानक से सोशल मीडिया पर धूम मच गयी । एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह ने अपने ट्वीटर एकाउंट पर इस वीडियो को ट्वीट किया तो केंद्रीय खेल मंत्री भी वीडियो देखकर चौक पड़े और उत्साहित होकर बोले की इसे तुरंत उनके पास ले आइये। वहीं मध्य प्रदेश के खेलमंत्री जीतू पटवारी ने भी तत्काल रमेश्वर से मिलने की इच्छा जाहिर की और फिर उन्हें भोपाल बुलाकर हौसला अफजाई किया। 

दोस्त कहते हैं दारोगा 


रमेश्वर की दौड़ की कहानी हर आम युवा की तरह है, जो किशोरवस्था पार करते ही फौज में जाने का सपना देखने लगता है। रमेश्वर को भी यह सपना उस वक्त आया जब उसका दोस्त राजेंद्र गुर्जर सेना में भर्ती हो गया। वर्दी का सपना वह भी सोते जागते देखने लगा और मैदान पर उसने खुद को  सेना के लिये तैयार करने का क्रम शुरू कर दिया। साथी रमेश्वर की धाकड़ दौड़ के मुरीद हैं और उसे दारोगा कहते हैं और दारोगा का बस एक ही सपना है वह देश के लिये कुछ करना चाहता है। 

दूध बांटता है रमेश्वर


रमेश्वर के पिता मूल रूप से किसान हैं। लेकिन खेती भी इतनी नहीं है कि उससे उनका आर्थिक जीवन उपर उठ जाये। तीन भाइयों और दो बहनों के बीच रमेश्वर भी अपने पिता की खेती में मदद करता है और प्रतिदिन  दूध बेचकर परिवार का खर्च चलाने में पिता की मदद करता है। आश्चर्य की बात है कि रमेश्वर की दौड़ देखकर पूरा देश आज उस पर नाज कर रहा है, लेकिन  पिता कप्तान गुर्जर को आज तक अपने बेटे की इस प्रतिभा का पता ही नहीं था। पिता से बातचीत करने के लिये जब मीडिया कर्मी उनके घर पहुंचे तो पिता अपने अरमानों और सपनों की हकीकत बयां करते हुये कहते हैं कि हम गरीब है और गरीब सपने नहीं देखते हैं। हम तो आज तक घर की छत तक नहीं डलवा पाये तो भला बेटे के लिये क्या कर पाते। अपनी खुशी जताते हुये पिता ने मीडिया कहा कि उन्हे तो आज पता चला है कि बेटा आम बच्चों से अलग है और वह बहुत अच्छा दौड़ता है।  इल्म तक नहीं है। उन्होंने कहा कि हम तो बेहद गरीब लोग हैं। घर की छत भी नहीं डलवा पाया। बेटा दौड़ता तो है पर ये तो आप लोगों से ही पता चला कि इतना अच्छा दौड़ता है।


रमेश्वर बोला तोडूंगा उसैन बोल्ड का रिकार्ड 


आत्मविश्वास से लबरेज रामेश्वर गुर्जर के चेहरे पर जो जज्बा देखने को मिलता है, वह उनकी बातों से भी नजर आता है। रमेश्वर कहते हैं कि अगर उन्हें सही प्रशिक्षण और सुविधाएं मिल जाये तो वह उसैन बोल्ट के रिकार्ड को तोड़ देंगे। रमेश्वर ने बताया कि पिछले 6 महीने से लगातार प्रैक्टिस से उसने 100 मीटर की दौड़ 12 सेकंड की जगह 11 सेकंड में पूरी की है, उसे अपने देश के लिये कुछ करना है और मौका मिला तो वह बोल्ट को मैदान पर हरा देगा। 

क्या है पूरा माजरा 


11 सेकंड के सनसनी फैलाने वाले रमेश्वर के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह ने उसे ट्विटर पर साझा किया और खेल मंत्री रिजिजू को टैग कर लिखा था कि 'भारत प्रतिभाशाली व्यक्तियों से भरा हुआ है। जरूरत है उन्हें सही अवसर और मंच देने की, वे देश के लिए इतिहास रच सकते हैं। भारतीय खेलों और रिजिजू जी से इस एथलीट के कौशल को निखारने में मदद की मांग करता हूं।'
इस ट्वीट के बाद यह वीडियो इतनी तेजी से वायरल हुआ कि पूरे देश में धूम मच गयी। जिसके बाद  केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने गुर्जर ने जवाब देते हुये कहा कि 'शिवराज जी किसी को बोलिए कि उसे मेरे पास लेकर आए। मैं किसी एथलेटिक्स अकादमी में उसका दाखिला करवाउंगा।' वहीं एमपी के खेल मंत्री पटवारी ने भी रमेश्वर को अब हर संभव प्रशिक्षण व सुविधाएं देने का ऐलान किया है।