Mahashivratri Special: तो ऐसे समझे महाशिवरात्रि ब्रत समाधान, इस दिन रहें आप ब्रत और करें पूजा

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12th February, 2018 - 7:27 PM, Edited by Priyanka Shukla

कानपुर सिटी। कल महाशिवरात्रि है या नहीं इस बात को लेकर आज सिटी में लोग भ्रमित दिखे कुछ कह रहे 13 को है तो कोई बोल रहा 14 को है। ऐसे में हो सकता है कि आपको भी ऐसा लग रहा हो तो मैं आपकी इसी समस्या का निदान के लिए आज धार्मिक एक्सपर्ट विवेक शर्मा से मुलाकात कि उन्होंने बताया कि आखिर क्यों दो दिन पड़ रहा है और किस दिन ब्रत रहना है। जबकि भक्तो कि बात करें तो उन्हें सिर्फ ये पता होता है कि महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को होता है।

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ऐसा है दो दिनों का समीकरण

इस साल फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी 14 फरवरी (बुधवार) को पड़ रही है। साथ ही 13 फरवरी को फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी पड़ रही है और पूरे दिन त्रयोदशी है। 13 फरवरी को त्रयोदशी तिथि मध्यरात्रि लगभग 11 बजकर 35 मिनट से शुरू हो रही है जो 14 फरवरी को पूरे दिन और रात्रि 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगी। इस स्थिति में भक्तों के बीच लोगों में असमंजस है कि व्रत 13 फरवरी को रखा जाए या 14 फरवरी को व्रत रखा जाए। हलाकि पहले दिन महाशिवरात्रि का व्रत रखना चाहिए। यानि इस बार 13 फरवरी को महाशिवरात्रि का व्रत रखना चाहिए।

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व्रत रखने से स्वर्ग की होती है प्राप्ति

कहा जाता है कि इस दिन शिव का विवाह पार्वती के साथ हुआ था। ऐसे में इस दिन एकदम सुबह भगवान शिव की पूजा करने से जीवन की हर संकट का समाधान हो जाता है। इसके साथ ही पंडित शर्मा के अनुसार इस दिन व्रत रखने से स्वर्ग की प्राप्ति होती है। शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव की पूजा प्रदोष में की जाती है। प्रदोष काल सूर्यास्त से लेकर मध्य रात्रि के बीच का समय होता है। शिवरात्रि के व्रत में अन्न ग्रहण नहीं किया जाता है।