अलाउद्दीन खिलजी : बेहतरीन खलनायक से नायक बनने तक का सफर

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16th March, 2018 - 12:24 AM, Edited by Focus24 team

वाराणसी सिटी। अलाउद्दीन खिलजी की गिनती इतिहास के सबसे खूंखार शासकों में की जाती है। हालिया रिलीज फ़िल्म "पद्मावत" में भी अलाउद्दीन के किरदार को बेहद वहशी और क्रूर दिखाया गया। उसके इस क्रूरता का वर्णन "मलिक मुहम्मद जायसी" की रचनाओं में भी मिलता है। 
आलाउद्दीन खिलजी ने अपने शासनकाल में कई अच्छे काम किए, जिसके लिए इतिहास उसका सदा ही शुक्रगुजार रहेगा। हालांकि अलाउद्दीन भी यही चाहता था कि इतिहास उसे हमेशा याद रखे। इसलिए उसने अपने पूर्वजों के कई दस्तावेजों को आग के सुपुर्द कर दिया था। आइए जानते हैं अलाउद्दीन ने जनता के हित में कौन से काम किए थे-

▶अलाउद्दीन ने सत्ता हाथ मे आते ही सर्वप्रथम बाजार नियंत्रण पर जोर दिया। उसने पुराने सिक्कों का प्रचलन बन्द कराकर नई मुद्राएं चलानी शुरू कर दी। जिसका परिणाम यह रहा कि अलाउद्दीन की मृत्यु के बाद भी 97 वर्षों तक महंगाई ने बढ़ने का नाम ही नहीं लिया।

▶खिलजी के शासनकाल में गरीब जनता और सैनिक अत्यंत खुश थे। वह अपनी सेना के आगे जान छिड़कता था। उसने सेना को खुश करने के लिए कई उपाय कर रखे थे। वह समय समय पर सेना के लिए कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन भी कराता था। कभी-कभी तो सेना के मनोरंजन के लिए वह खुद कुश्तियों में भाग लिया करता था। 

▶खिलजी के शासन में चोरियां भी होनी बन्द हो गई थी। उसने बेईमानों के जेहन में अपना खौफ पैदा कर दिया था। उसने सेना को आदेश दिया था कि यदि कोई व्यक्ति वस्तु विनिमय में जरा सी भी समान चोरी करने की कोशिश करे, तो उस वस्तु की मात्रा के बराबर उसके शरीर के मांस काट लिए जाएं।

▶खिलजी वंश की शुरुआत के साथ ही मंगोलों का आतंक जारी था। मंगोल समस्त भारत पर अपना कब्जा चाहते थे। खिलजी की सेना उस समय मंगोलों की सेना के आगे कुछ भी नहीं थी। लेकिन खिलजी ने अपनी कूटनीति से 8000 मंगोलों को बंदी बनाकर उन्हें दीवार में चुनवा दिया था। अन्यथा आज यदि मंगोल जीवित होते तो भारत की उस दुर्दशा की तस्वीर की कल्पना भी कर पाना कठिन है।