इस नवरात्रि डायबिटीज वाले क्या खाएं और क्या नहीं?

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3rd April, 2019, Edited by Shikha singh

फीचर्स डेस्क।  हमारे देश में नवरात्रि का त्यौहार बहुत ही उल्लास से मनाया जाता है।  बहुत से घरों में नवरात्रि में पूरे 9 दिन का व्रत भी रखा जाता है। आइए मैं आज आपको यह बताऊंगी कि इस नवरात्रि 2019 को आप अपने खानपान में कैसे रखें ध्यान, यह लेख मेरा उन लोगों के लिए है ,जो डायबिटीज से ग्रसित है ,वह लोग इस नवरात्रि अपने व्रत में क्या शामिल करें और क्या नहीं? उनके  लिए आज मैं आपको महत्वपूर्ण बातें बताना चाहूंगी।      

तो सबसे पहले मेरी तरफ से आप सब को नवरात्रि की बहुत-बहुत शुभकामनाएं और इस साल दुर्गा मां आप सबको सारी बीमारियों से दूर रखें । वैसे तो अगर व्यक्ति किसी भी बीमारी से ग्रसित नहीं तो नवरात्रि में चलने वाले 9 दिन के व्रत में कहीं ना कहीं उसकी शरीर को बहुत ज्यादा फायदा भी होता है।  उसके शरीर से सारे टॉक्सिक धीरे-धीरे यूरिन के साथ निकल जाते हैं।

लेकिन अगर व्यक्ति किसी बीमारी से ग्रसित है, जैसे  डायबिटीज, क्योंकि डायबिटीज में हमारे खान-पान को लेकर बहुत ध्यान रखा जाता है। और नवरात्रि के व्रत में हम बहुत देर तक तो कुछ खाते ही नहीं हैं ।और लोगों के अपनी  दिनचर्या होती है, कुछ लोग पूजा करते हैं, फिर खाते हैं, कुछ एक ही समय खाते हैं, कुछ 9 दिन तक भी बहुत हिसाब से खाते हैं, तो डायबिटीज वाले रोगियों को यह जरूर ध्यान रखना चाहिए ,कि उनको अपने" शुगर लेवल" को  कंट्रोल  में रखना है। इसके लिए उन्हें बहुत ज्यादा समय अंतराल नहीं रखना चाहिए दो भोजन के बीच में, उन्हें थोड़ी थोड़ी देर में कुछ जरूर खाना चाहिए।

नवरात्रि के दिनों में अनाज खाना वर्जित माना जाता है । डायबिटीज के लोग अनाज की जगह पर  कुट्टू आटा और सिंघाड़े आटा से उसकी कमी पूरी कर सकते हैं। डायबिटीज के लोगों को अपने खाने में प्रतिदिन प्रोटीन का कोई भी स्रोत शामिल करना बहुत ही आवश्यक है, जिसमें वह दूध या दूध से बनी चीजें ले  सकते हैं ,पनीर और ड्राई फ्रूट्स ले सकते हैं। आलू  ब्रत में हमारा सबसे मुख्य आहार होता है जो कि हम नवरात्रि में भी शामिल करते हैं । लेकिन डायबिटीज के रोगियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि वह आलू का प्रयोग कम से कम करें और इसकी जगह पर वह लोकी या कद्दू जैसी सब्जियों का प्रयोग करें।

कृपया अपने रोज के खाने में पूरी और पकोडो का इस्तेमाल भी कम से कम करें। इनको हम 1 दिन में एक बार कुछ सीमित मात्रा में खा सकते हैं या फिर हम 2 दिन के अंतर  में इसको खा सकते हैं। आप अपनी दिनचर्या में से चाय और कॉफी को भी कम  करे ,क्योंकि इससे कई बार हमारे शरीर में एसिडिटी की शिकायत हो जाती है। और इसकी जगह पर हम अच्छे पीने वाले पदार्थों को ले सकते है  जैसे नारियल का पानी , और बिना चीनी वाले कुछ शरबत नींबू के शरबत हुए ले सकते हैं। अगर आप किसी और गंभीर समस्या से ग्रसित हैं या फिर आपका डायबिटीज में शुगर लेवल बहुत ज्यादा है और तब भी आप व्रत रखना  हैं तो उसके लिए आपको बहुत ही अच्छे से आहार नियोजन करवाना चाहिए, जिससे  आपका शुगर लेवल कंट्रोल में रहे। और उसी आहार नियोजन को  ही पूरे 9 दिन तक लेना चाहिए ,जिससे कि जब आपका व्रत टूटे या 9 दिन के बाद जब आप एकदम से खाना खाना शुरू करते हैं, तो ना आपका शुगर लेवल ज्यादा हो ता है और इन 9 दिनों के बीच में आपका शुगर  लेवल कम होता है।
 

कंटेंट सोर्स : वीना उपाध्याय, डाइटिशियन और न्यूट्रीशनिस्ट, आहार विशेषज्ञ, बंग्लोरू सिटी।