वर्ल्ड हार्ट डे : दिल की बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है: डॉ. पाठक

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29th September, 2019, Edited by Focus24 team

हेल्थ डेस्क। सिटी के अस्सी स्थित ब्रेथ ईजी अस्पताल में रविवार को विश्व ह्रदय दिवस के अवसर पर "पेशेंट एजुकेशन प्रोग्राम" आयोजित किया गया। इस दौरान डॉ. पाठक बताया कि प्रत्येक वर्ष '29 सितम्बर' को सम्पूर्ण विश्व में विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है।

शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग

हृदय के प्रति जागरूकता पैदा करने और हृदय संबंधी समस्याओं से बचने के लिए दुनियाभर में हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस के रूप में मनाया जाता है। ह्रदय एक पेशी अंग है, जो की हमारे परिसंचरण तंत्र के केंद्र में होता है। उन्होने कहा कि इस प्रणाली में कोशिका, शिराओ और धमनियों का एक नेटवर्क होता है। यहां से रक्त वाहिकाएं, हमारे शरीर के सभी भागो में रक्त लेकर जाती है। इस प्रकार , यह शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग होता है।

कोई निर्धारित उम्र नहीं

दरअसल, ह्रदय रोग, ह्रदय और रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करने वाले रोग विकारो का समहू है, फेफड़े , मस्तिष्क , गुर्दे और शरीर के अन्य भागो में रक्त की आपूर्ति को बाधित करता है। अव्यवस्थित जीवन शैली और असंतुलित खानपान के चलते दुनिया भर में हृदय रोग के पीड़ितों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है।दिल की बीमारी किसी भी उम्र में किसी को भी हो सकती है, इसके लिए कोई निर्धारित उम्र नहीं होती। पुरुषो के साथ -साथ ही महिलाओ के बीच मृत्यु का प्रमुख कारण है।

महिलाओं में हृदय रोग की संभावनाएं ज्यादा

वास्तव में महिलाओं में हृदय रोग की संभावनाएं ज्यादा होती हैं, बावजूद इसके वे इस बीमारी के जोखिमों को नजरअंदाज कर देती हैं। तनाव, थकान, प्रदूषण आदि कई वजहों से रक्त का आदान-प्रदान करने वाले इस अति महत्वपूर्ण अंग को अपना काम करने में मुश्किल होती है, इसीलिए 'विश्व हृदय दिवस' लोगों में यह भावना जागृत करता है कि वे हृदय की बीमारियों के प्रति सचेत रहें।"

शराब का सेवन न करे मरीज

छाती में अगर दर्द हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाए, बिना चिकित्सक सलाह के दवा न खाए, तम्बाकू एवं शराब का सेवन न करे, खून में चीनी व चर्बी की मात्रा को नियन्त्रित में रखे। अपने ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखे, हरी सब्जी व फल का प्रयोग ज्यादा से ज्यादा करे, चिकनाई युक्त भोजन का प्रयोग कम से कम करे, नियमित आधा घंटा पैदल चले और अपने वजन को नियंत्रित रखेंI

डॉ. एसके पाठक, निदेशक ब्रेथ ईजी अस्पताल, वाराणसी सिटी।