गर्म तापमान में सामान्य रहने के लिए प्रतिदिन पियें 8 से 10 गिलास पानी

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12th April, 2019, Edited by Focus24 team

फीचर्स डेस्क। हमारे शरीर के लिए पानी बहुत जरुरी है। आपको बता दें कि शरीर के कुल भार का लगभग 60% -70% प्रतिशत जल होता है। जिसमें से नर्म ऊतको में जल की मात्रा 70 से 80% और अस्थियों में 20% तक होता है। वैसे तो प्रतिदिन हमें कम से कम 8 गिलास पानी पीना चाहिए मतलब 2 लीटर तक पानी प्रतिदिन हमारे शरीर में जाना ही चाहिए इसके अलावा पुरुष को कम से कम 15 (3.7) गिलास और औरतों की बात करें तो कम से कम 11 (2.7) गिलास तक पानी प्रतिदिन पीना चाहिए।

दरअसल, जो भी जल हम ग्रहण करते हैं जल ग्रहण करने के 1 घंटे बाद ही इसका अधिकतम भाग गुर्दों के द्वारा उत्सर्जित हो जाता है। हमारे शरीर से जल का उत्सर्जन मूत्र, पसीने, निश्वास और मल के रूप में होता है यदि इसी प्रमाण में हम जल को ग्रहण ना करें तो शरीर में जल की कमी हो जाती है जिससे हमारे स्वास्थ्य पर सीधा सीधा बुरा प्रभाव पड़ता है। इन सबके अलावा जो दूध पिलाने वाली माताओं को भी अपने पानी के मात्रा का बहुत ध्यान रखना चाहिए , क्योंकि उनके शरीर से निकलने वाले दूध में भी पानी की मात्रा की हानि होती है। उत्सर्जित होने वाले जल के प्रमाण में अगर हम प्रतिदिन जल नहीं पीते हैं तो इससे हमारे शरीर के द्रवों में परिवर्तन हो जाता है।

ईसीऍफ़ और आईसीएफ  के प्रमाण में कमी हो जाती है। मूत्र त्याग की मात्रा भी कम हो जाती है शरीर के भार में शीघ्रता से कमी होने लगती है और कोशो का निर्जलीकरण शुरू हो जाता है कुछ दिनों के पश्चात प्लाज्मा क्या आयतन और रक्त क्या है दिन में भी कमी होने लगती हैं जिसके कारण कार्डियक आउटपुट कम होकर हृदय विफलता हो जाती है। यदि किसी व्यक्ति की इज्जत पानी की मात्रा 5 से 10 लीटर तक पहुंच जाए तो उसे गंभीर रूप से अस्वस्थ समझा जाता है और यदि किसी व्यक्ति में जल हानि की मात्रा 15 लीटर तक किया उससे भी ज्यादा होने लगे तो उस व्यक्ति की मृत्यु तक हो सकती है इसके लिए आप प्रतिदिन आठ गिलास जल अवश्य लें, अगर आप किसी गर्म जगह पर रहते हैं।

तो पानी की मात्रा को और बढ़ाएं क्योंकि गर्म जगह पर पानी की हानि भी तेजी से होती है इसके अलावा आप अपने खाने में प्रतिदिन छाछ ,हरा नारियल या नारियल के पानी, रसीले फल जैसे -संतरा ,मौसमी और सबसे अच्छा तरबूज जिसमें कि 92 प्रतिशत पानी पाया जाता है। इस तरह के खाद पदार्थों को अपने खाने में अवश्य शामिल करें।

कंटेंट्स सोर्स : वीना उपाध्याय, डाइटिशियन और न्यूट्रीशनिस्ट, बंगलूरु।