कार्तिक मास में बरसेगा धन, बटोरने के लिए करें ये काम

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3rd October, 2017 - 4:56 PM, Edited by

कानपुर। कहा जाता है की कार्तिक मास में नियम से स्नान, जप, तप, व्रत, ध्यान  करने वाले मनुष्य को अक्षय फलों की प्राप्ति होती है। यह अक्षय पुण्य लाभ प्राप्त करने का महीना है। कार्तिक पुण्यमय वस्तुओं में श्रेष्ठ पुण्यतम, पावन पदार्थों में अधिक पावन है। स्कंदपुराण के अनुसार सत्युग के समान कोई युग नहीं वेदों के समान कोई शास्त्र ज्ञान नहीं, गंगा जी के समान कोई नदी नहीं और कलयुग में कार्तिक के समान कोई मास नहीं है।

भगवान विष्णु को जैसे तिथियों में एकादशी प्रिय है वैसे ही मासों में कार्तिक मास अति प्रिय है, इसी कारण इस माह में किए गए धर्म-कर्म से भगवान प्रसन्न होकर कृपा करते हुए मनुष्य के सभी प्रकार के दैहिक, दैविक एवं भौतिक तापों का हरण कर लेते हैं व उसकी सभी कामनाओं की पूर्ति कर देते हैं। 

इस मास में क्या करें

कार्तिक मास में जो लोग संकल्प करके प्रतिदिन प्रात: सूर्य निकलने से पूर्व उठकर किसी तीर्थ स्थान, किसी नदी अथवा पोखरे पर जाकर स्नान करते हैं यां घर में ही गंगाजल युक्त जल से स्नान करते हुए भगवान का ध्यान करते हैं, उन पर प्रभु प्रसन्न होते हैं। स्नान के पश्चात पहले भगवान विष्णु और बाद में सूर्य भगवान को अर्घ्य प्रदान करते हुए विधिपूर्वक अन्य देवी-देवताओं, ऋषियों दिव्य मनुष्यों को अर्घ्य देते हुए पितरों का तर्पण करना चाहिए।

पितृ तर्पण के समय हाथ में तिल अवश्य लेने चाहिए क्योंकि मान्यता है कि जितने तिलों को हाथ में लेकर कोई अपने पितरों का स्मरण करते हुए तर्पण करता है, उतने ही वर्षों तक उनके पितर स्वर्गलोक में वास करते हैं। इस मास में अधिक से अधिक प्रभु नाम का चिंतन करना चाहिए।