इलाहाबाद, राजनीति, लोग और अब कायम रहेगा “प्रयागराज” !

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17th October, 2018, Edited by Focus24 team

इलाहाबाद सिटी। “नामकरण” इस शब्द का अर्थ ही है कि किसी विषय, वस्तु या स्थान से समस्त प्राणी को परिचय कराना। तुलसीदास ने रामचरित मानस में पहले ही इस शहर को प्रयागराज ही लिखा है, हलाकि की अकबर ने बाद में इलाहाबाद कर दिया। कहा जाता है कि पभु राम वनवास के समय यहाँ जब विश्राम करने के लिए रुके तब प्रयागराज का वर्णन हुआ।  वहीँ “प्रयागराज” को प्रयाग प्रजापति का क्षेत्र कहा गया है। इलाहाबाद का नाम प्रयागराज आधिकारिक रूप से सरकार ने घोषित कर दिया। तमाम विरोध और समर्थन के बाद अब यह प्रयागराज है। कुल मिलाकर शास्त्रों में दिये गये नाम को मोदी सरकार ने हकीकत में बदल दिया।

ऐसे में बहुतों का मानना है कि यह राजनीतिक लाभ के लिए नाम बदला गया है। इससे राजनीतिक लाभ तो नहीं होगा क्योंकि ज्यादातर वोटर व्यक्तिगत फायदा या नुकसान देखते हैं। हालाँकि जो सत्ता में होता है उसे इस प्रकार के लाभ हानि का सामना करना ही होता है। यहाँ कुछ लोगों का विचार है कि नाम बदलने से कुछ नहीं होता। रोजगार बढ़े, जन कल्याण हो तब हमारा फायदा होगा। नवयुवकों में नाम के बजाय रिक्त पड़ी भर्तियों को पूरा करने पर जोर देने की है। पेश है focus24news.com के कंटेंट राइटर राकेश मालवीय और सिटी के लोगों से हुई बातचीत का अंश...

योगी सरकार में काम अच्छा हो रहा है

सरकार का यह कदम सराहनीय है। शहर का सांस्कृतिक गौरव भी लौटना जरूरी है। उनके अनुसार योगी सरकार में काम अच्छा हो रहा है। उनका कहना है कि ऐसे कामों को करने का भी राजनीतिक साहस होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक तौर किसी भी काम की आलोचना होती ही है पर कुल मिलाकर मैं इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किये जाने का स्वागत करती हूँ।

                                                                                                                                         सोनी शुक्ला, इलाहाबाद सिटी।

नाम बदलने से सत्ता दुबारा नहीं मिलेगी

इलाहाबाद के नाम में क्या बुराई थी। नाम बदलने से सत्ता दुबारा नहीं मिल जाएंगे। इस बार मोदी सरकार नहीं आयेगी। चाहे जो कुछ कर ले। हारिस का मानना है कि सरकार यदि युवाओं के लिए कुछ करें तो अच्छा होगा।

                                                                                                                                    -हारिस नसीर, इलाहाबाद सिटी।

लोगों को खुश होना चाहिए

सरकार के इस कदम का स्वागत है।  योगी सरकार का यह कदम साहस भरा है। उन्होंने कहा कि नाम बदलने से लोगों को खुश होना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी महामायानगर, फूलाबाई जैसे नाम रखें हैं। यह सरकार का अधिकार है। नाम बदलने से थोड़ी दिक्कत भले हो पर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर शहर का मुकाम बढ़ेगा।

                                                                                                                                   -आर. पी. ओझा, शिक्षक, इलाहाबाद सिटी।

इस कदम की सराहना की जानी चाहिए

सरकार के इस कदम की सराहना की जानी चाहिए। उन्होंने प्रयागराज नाम किए जाने का समर्थन करते हुए कहा इसका मतलब यह कतई नहीं है कि सरकार का वोट बढ़ जायेगा।

                                                                                                                                         -सोमनाथ पांडेय, इलाहाबाद सिटी।