नवरात्र स्पेशल: आदिशक्ति के 51 शक्तिपीठों का ये है रहस्य

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19th March, 2018, Edited by Focus24 team

नई दिल्ली। दक्ष से अपमान से क्रोधित होकर माता सती ने स्वयं को अग्नि को समर्पित कर दिया। भगवान शिव ने क्रोधित होकर दक्ष का मस्तक उसके शरीर से अलग कर उसका वध कर दिया। इसके पश्चात महादेव अपनी पत्नी सती का शव गोद में उठाए हुए गुस्से में तीनों  लोकों में घूमते रहे। 
शिव का यह क्रोधित रूप देख सभी देवी - देवता भयभीत होने लगे। सभी देवता महादेव के आराध्य भगवान विष्णु को शरण में गए। 
भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से सती के पार्थिव शरीर को 51 टुकड़ों में काट दिया। सती के शरीर के टुकड़े जहां जहां गिरे, वहां एक शक्तिपीठ का निर्माण हुआ। इस प्रकार धरती पर मां आदिशक्ति 51 स्वरूप में विराजमान हो गईं।