CBSE रिजल्ट :राम्या सिंह ने 98.8 प्रतिशत मार्क्स के साथ डिस्टिक में किया टॉप

Slider 1
« »
27th May, 2018 - 8:12 AM, Edited by Shikha singh

वाराणसी सिटी।  सीबीएसई 12वीं के रिजल्ट शनिवार को घोषित कर दिया गया। सिटी के कई स्कूल से से जानकारी जुटाने के बाद जानकारी है कि सिटी सनबीम वरुणा स्कूल की छात्रा रम्या सिंह ने 98.8 प्रतिशत मार्क्स हासिल कर ओवरआल डिस्टिक कामन रूप से टॉप किया है। बात दें कि रम्या सिंह मानविकी वर्ग की स्टूडेंट्स थी। हलाकि सेम मार्क्स के साथ सेंट्रल हिन्दू गर्ल्स स्कूल की छात्रा जाह्नवी संजय ने भी डिस्टिक में टॉप किया। वहीं वाणिज्य वर्ग में कुशाग्र अग्रवाल और मानविकी की लिपिका श्रीवास्तव 98.4 अंकों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहीं। 

हर तरफ जश्न जैसा एटमासफेयर  

सिटी का तापमान शनिवार को बच्चों के खुशी के सामने कम लग रहा था। शनिवार को 12 बजे के बाद से ही रिजल्ट जानने की उत्सुकता और अच्छे अंकों के साथ परीक्षा में मिली सफलता से ऐसी खुशी उमड़ी कि घर से स्कूल तक जश्न मनाने का अवसर कोई मिस नहीं किया।  

रिजल्ट के साथ तनाव से बच्चें निकले बाहर  

कई दिनों से इंतजार के शनिवार को 12 का रिजल्ट घोषित होने के बात स्टूडेंट्स ने रहत कि साँस ली। पिछले 2 दिनों से अच्छे मार्क्स को लेकर स्टूडेंट्स काफी प्रेशर में थे। वहीँ बच्चों की सफलता पर अभिभावकों में ख़ुशी की साफ झलक दिखी।

95 फीसदी से अधिक अंक मिले

कई स्कूलों के मेधावियों ने 95 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। कहीं इनकी संख्या चार या पांच तो कहीं-कहीं 20 से अधिक बच्चों ने 95 फीसदी अंक लाकर अपने विद्यालय को गौरवान्वित किया है। बच्चों की इस शानदार उपलब्धि पर कक्षा के शिक्षक और प्रधानाचार्य भी काफी खुश नजर आए। 

75 फीसदी देखते ही मिली राहत

जेईई एडवांस की परीक्षा दे चुके कई मेधावियों की सांस अटकी हुई थी। आईआईटी में दाखिले के लिए उन्हें 75 फीसदी अंक पाना जरूरी था। जैसे ही उन्होंने देखा कि प्राप्तांक 75 फीसदी से अधिक है तो राहत की सांस ली। 

कई विषयों में 100 में 100

12वीं के कई बच्चों ने कई विषयों में पूरे अंक हासिल किए हैं। संगीत, कला, शारीरिक शिक्षा, मनोविज्ञान जैसे विषयों में पूरे नंबर मिले हैं। जिले में टॉप करने वाली रम्या ने मनोविज्ञान और संगीत में 100-100 अंक प्राप्त किए हैं।

शत-प्रतिशत रिजल्ट का दावा

सीबीएसई बोर्ड के मुताबिक 12वीं का नतीजा 81 फीसदी है, जबकि जिले के अधिकतर स्कूलों ने शानदार रिजल्ट का दावा किया है। कई स्कूलों का कहना है कि उनका रिजल्ट शत-प्रतिशत रहा। उनके यहां कोई विद्यार्थी फेल नहीं हुआ है।