इस खास मंत्र के जाप से होगी कन्या का शीघ्र विवाह !

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26th April, 2019, Edited by Focus24 team

फीचर्स डेस्क। विवाह योग्य लोगों को शीघ्र विवाह के लिये प्रत्येक गुरुवार को नहाने वाले पानी में एक चुटकी हल्दी डालकर स्नान करना चाहिए। भोजन में केसर का सेवन करने से विवाह शीघ्र होने की संभावनाएं बनती है। विवाह योग्य व्यक्ति को सदैव शरीर पर कोई भी एक पीला वस्त्र धारण करके रखना चाहिए। गुरुवार की शाम को पांच प्रकार की मिठाई, हरी ईलायची का जोडा तथा शुद्ध घी के दीपक के साथ जल अर्पित करना चाहिये। यह प्रयोग लगातार तीन गुरुवार को करना चाहिए। इससे शीघ्र विवाह के योग निस्संदेह बनते है।

गुरुवार को केले के वृ्क्ष पर जल अर्पित करके शुद्ध घी का दीपक जलाकर गुरु के 108 नामों का उच्चारण करने से जल्दी ही जीवनसाथी की तलाश पूर्ण हो जाती है। बृहस्पति को देवताओं का गुरु माना जाता है। इनकी पूजा से विवाह के मार्ग में आ रही सभी अड़चनें स्वत ही समाप्त हो जाती हैं। इनकी पूजा के लिए गुरुवार का विशेष महत्व है।

गुरुवार को बृहस्पति देव को प्रसन्न करने के लिए पीले रंग की वस्तुएं चढ़ानी चाहिए। पीले रंग की वस्तुएं जैसे हल्दी, पीला फल, पीले रंग का वस्त्र, पीले फूल, केला, चने की दाल आदि इसी तरह की वस्तुएं गुरु ग्रह को चढ़ानी चाहिए। साथ ही शीघ्र विवाह की इच्छा रखने वाले युवाओं को गुरुवार के दिन व्रत रखना चाहिए। इस व्रत में खाने में पीले रंग का खाना ही खाएं, जैसे चने की दाल, पीले फल, केले खाने चाहिए। इस दिन व्रत करने वाले को पीले रंग के वस्त्र ही पहनने चाहिए।

ॐ ग्रां ग्रीं ग्रों स: गुरूवे नम: ॥

मंत्र का पांच माला प्रति गुरुवार जप करें।

शीघ्र विवाह भगवान श्री कृष्ण जी का प्रयोग

जिन लड़कों का विवाह नहीं हो रहा हो या प्रेम विवाह में विलंब हो रहा हो उन्हें शीघ्र मनपसंद विवाह के लिए श्रीकृष्ण के इस मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए।

शीघ्र विवाह के लिए भगवान श्री कृष्ण का मन्त्र।

"क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा।"

यदि किसी कन्या का विवाह नहीं हो पा रहा है तो वह कन्या आज विवाह की कामना से भगवान श्री गणेश को मालपुए का भोग लगाए तो शीघ्र ही उसका विवाह हो जाता है।

शीघ्र विवाह के अन्य प्रयोग

अगर किसी का विवाह कुण्डली के मांगलिक योग के कारण नहीं हो पा रहा है।  तो ऎसे व्यक्ति को मंगल वार के दिन चण्डिका स्तोत्र का पाठ तथा शनिवार के दिन सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए इससे भी विवाह के मार्ग की बाधाओं में कमी होती है।

जिन व्यक्तियों की विवाह की आयु हो चुकी है। परन्तु विवाह संपन्न होने में बाधा आ रही है उन व्यक्तियों को यह उपाय करना चाहिए। इस उपाय में शुक्रवार की रात्रि में आठ छुआरे जल में उबाल कर जल के साथ ही अपने सोने वाले स्थान पर सिरहाने रख कर सोयें। शनिवार को प्रात स्नान करने के बाद किसी भी बहते जल में इन्हें प्रवाहित कर दें।

कंटेंट सोर्स : ज्योतिष एक्सपर्ट गुरु ओम, बिलासपुर, छतीसगढ़।